Wednesday, April 29, 2009

टमाटर जैसे बूब्स

हाय ! मेरा नाम विजय है। मैं २२ साल ५'८ " का लड़का हूं। मेरे उसका साईज़ ७" है। आज मैं आपको अपनी एक ट्यूशन वाली स्टूडेन्ट की चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूं। मैं कंप्यूटर साइंस स्टुडेंट हूँ ,मैं पार्ट टाइम के लिए टूशन पढाता हूँ . २ साल पहले की बात है उस समय मेरी एक स्टुडेंट थी प्रिया, साली बहुत सेक्सी थी, कहने को १०वी में थी मगर बूब्स का साइज़ देख कर लगता था कि पूरी जवान है ,चलती थी तो कयामत ढा देती थी ,वैसे ये बात मेरे दोस्त बोलते थे मैंने उसे ऐसी नज़र से कभी नहीं देखा था
एक दिन उसे मैथ्स में प्रॉब्लम आ गया ,बेचारी ने सारी रात सोल्व करने कि कोशिश कि मगर झांट सोल्व नहीं कर पाई , उसने दूसरे दिन मुझसे वोह प्रॉब्लम पूछा मैंने एक ही बार में सोल्व कर दिया वोह पूरी इम्प्रेस हो गई ,उसको हाव भाव बदलने लगे ,वैसे मैं अपने स्टूडेंट्स से क्लो्ज रहता हूँ पर वोह कुछ ज्यादा ही क्लोज हो रही थी.
। एक दिन उसने मुझसे कहा सर मुझे आपसे कुछ कहना है मैंने कहा बोलो प्रिया क्या बात है , उसने कहा सर अकेले में बात करनी है मैंने कहा ठीक है छुट्टी के बाद रुक जाना , उसकी आँखे चमक गई , मेरे और भी स्टूडेंट्स थे पर उनमे सबसे बड़ी प्रिया ही थी. सबके जाने के बाद प्रिया ने मुझसे कहा सर अगर मैं आपसे कुछ कहूं तो आप बुरा तो नहीं मानेगे ,मैंने कहा पहले कहो तो, उसने कहा पहले प्रोमिस करिए कि बुरा नहीं मानेंगे मैंने कहा अच्छा बाबा नहीं मानूगा अब बोलो उसने कहा सर आप ........ आप .मुझे ......अच्छे लगते है.
मैं चौंक गया फिर सोचा मस्त माल मिल रही है छोड़ा क्यों जाए मैंने कहा वैसे मैं भी तुम्हे पसंद करता हूँ उसके बाद हमारी लव स्टोरी शुरू हुई (ऐसा वोह समझती थी ), पर मुझे तो बस अपनी चूत की प्यास बुझानी थी एक दिन मैंने मौका देख कर उसे अकेले में अपने घर बुलाया , घर के सभी लोग बाहर गए थे ,और २ -३ घंटे तक उनके आने की उम्मीद नहीं थी, हम काफी करीब आ गए थे और मैंने उसे सेक्स करने के लिए मना लिया था आज अच्छा मौका था.
डोर बेल बजा मैंने दरवाजा खोला तो वोह खड़ी थी जींस और टॉप में क़यामत लग रही थी , मैंने उसे अन्दर बुलाया और बोला आई लव यू प्रिया और उसे बाँहों में भर लिया और लिप किस करने लगा वोह भी मेरा पूरा साथ देने लगी मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी और चूसने लगा , ये मेरा पहला सेक्स था,
उसके बाद मैंने उसके एक बूब को पकड़ कर दबाया ,इतना मजा आया की क्या बोलूं ,उसके बाद मै अपना हाथ जींस के ऊपर ही उसके चूत पर फेरने लगा अब वोह गरम होने लगी ,मैंने सबसे पहले उसका टॉप उतारा अन्दर ब्रा थी , उसके बाद जींस उतारी ,फिर उठा कर बिस्तर पर ले गया वहां अपनी जींस और शर्ट उतार दी उसके बाद मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके मस्त गोरे गोरे टमाटर जैसे बूब्स को आजाद कर दिया.
उसके बाद मैं उसे दबाने लगा वोह सिसकियाँ ले रही थी अह ह्ह्ह्ह्ह्छ ...ऊओअया अआः ... विजय बहुत मजा आ रहा है जान, फिर मैंने पैंटी उतारी और अपना अंडरवियर भी ,वोह मेरा लंड देख कर खुश हो गई उसके बाद मैंने एक ऊँगली उसके बूर में डाल दी वोह बोली हाई.......मै मर गई उसके बाद मै ऊँगली करने लगा, एक हाथ से ऊँगली कर रहा था और एक से उसकी बूब्स दबा रहा था.
अब वोह पूरी तरह गरम हो गई थी मैंने उसके बूर से ऊँगली निकली और खड़ा हो गया वोह भी घुटनों के बल बैठ गई मैंने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया फिर उसने थोडी देर तक मेरा लंड चूसा फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी चूत चाटने लगा, दोनों ही वर्जिन थे इसलिए किसी का गिरा नहीं फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक धक्का मारा मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया.
वोह चिल्लाई आआआआअह ह्ह्ह्ह्ह्छ ह्ह्ह . ..,विजय .......धीरे .उसके बाद मैंने धीरे धीरे पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया फिर धीरे धीरे धक्के मारने लगा अब हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था उसके बाद मैं लेट गया और वोह अपनी चूत मेरे लंड पर सेट करके बैठ गई अब मैं उसे जोर जोर से चोदने लगा जब मैं झड़ने वाला था तो रुक गया और उसे के बाद गोद में बिठा के फिर से मारने लगा करीब १ घंटे तक हमने चोदा -चोदी का खेल खेला मेरी चूत की प्यास उस दिन ठंडी हो गई. उसके बाद हम दोनों झड़ गए।
उसके बाद जब कभी भी हमे मौका मिला तो हमने होनीमून मनाया, मेरे पढ़ाने के कारण उसे १०वी में ९० % मार्क्स मिले और वोह अब एक मेडिकल कॉलेज में है जब भी छुट्टी में आती है तो हम पूरा एन्जॉय करते हैं

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