Wednesday, April 29, 2009

अंधेरे में चूत

हाय! दोस्तों मेरा नाम राज है मैं जयपुर का हूँ ओर मेरी उमर 28 साल है ओर मैं शादी शुदा हूँ। मैने काफ़ी स्टोरी पढ़ी हैं नेट पर। मुझे पढ़ने में बहुत ही मज़ा आता है। मेरी भी एक स्टोरी है लेकिन मैने उसे कभी लिखा नहीं पर आज आप सबके लिये लिख रहा हूँ। मैं शादी शुदा हूँ और मेरी शादी को 5 साल हो गये हैं मेरी एक साली है 18 साल की, अभी एक साल पहले तक तो मैने उसे इस तरह की नज़र से नहीं देखा था लेकिन उसकी तरफ से हिंट मिलने पर कुछ उसके लिये मैं एक्साइटेड हो गया। लेकिन अब पहल कौन करे मैं जयपुर में था ओर वो जयपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर एक टाउन में थी। सो फोन पर ही बातें होती थी ओर मैं फोने पर उसे इस बात के लिये एग्री करता कि मैं क्या चाहता हूँ। लेकिन तुम लड़कियों की आदत होती है न कि जल्दी से सब चाहते हुए भी हां नहीं करती हो।

इसलिये वो भी मना करती थी कि किसी को पता चल जयेगा तो क्या होगा जीजाजी। लेकिन मैने उसे कहा कि किसको पता चलेगा मैं मौका देखकर ही काम करूंगा। वो मुझ पर पूरा विश्वास करती है ओर मुझे पसंद भी बहुत करती है ओर मेरी नराज़गी का ख्याल भी है उसे। एक बार मैं ससुराल गया मेरी ससुराल में सास ससुर साला ओर दो सालियां और साले के वाइफ़ हैं मेरे पास 800 मारुति कार है वो ही लेकर मैं जाता हूँ और दो दिन तक मैं जब भी ससुराल जाता हूँ तो रुकता हूँ। ओर इस दौरान कहीं भी आस पास सब लोग मेरी गाड़ी में बैठकर घूमने भी जाते हैं पर वहां पर वो मौका लगते ही मेरे पास आ जाती है ओर बातें करती है ओर सच बताउं तो मैने अभी तक उसे टच नहीं किया था क्योंकि मैने उसे कह दिया था कि जब तक वो नहीं चाहेगी मैं उसे टच नहीं करूंगा। इसलिये मैं उसे बातें ही करता हो जोर देता की वो मान जाये लेकिन वो चाहती थी मैं सही मौके के इंतज़ार में रहूं ये कहा तो नहीं उसने पर मुझे ऐसा लगा। लास्ट टाइम तक जब मैं ससुराल गया अभी 3 महीने पहले तब तक मैने उसे टच नहीं किया था पर मैं उसे और वो मुझे ऐसी बातों से एक्साइटेड कर देते थे। इस बार मैं ससुराल गया तो हम लोग वहां से घूमने गये हरियाणा के एक धार्मिक जगह पर जो वहां से 1.50 घंटे की दूरी पर थी। मारुति में कितनी जगह होती है 3 आगे और 4 पीछे मेरे ससुर को छोड़कर बाकी सब गये थे तो वो हमेशा की तरह मेरे बाजु में आगे बैठ गैए मतलब आगे मैं द्राइवर सीट पर ओर मेरे बगल में मेरी साली ओर उसके बगल में मेरा साला यानि वो बीच में थी। बीच में जहां पर गाड़ी के गीयर होते है उनके दोनो तरफ उसकी टांगें थी।

एक टांग तो मेरी टांग से सटी हुई थी और एक टांग मेरे साले से ओर दोनो टांगों के बीच में गाड़ी का गीयर था। मैं तो पहले से ही एक्साइटेड था ओर वो मुझे बड़ी ही नशीली आंखों से देख रही थी। मैं गाड़ी चला रहा था तो गीयर लगाते हुए मैने पहल कर दी ओर उसकी जांघों को टच करता था। वो सलवार शूट में थी। पज़ामा ढीला ढाला होता है लड़कियों का उसमे से में उसे टच करता और मैने हाथ गीयर पर ही रखे रखा। जब हम जा रहे थे तो दिन का टाइम था सो मैने ज्यादा रिस्क लेना ठीक नहीं समझा और सिर्फ़ टच ही करता था जब गीयर लगाता तो सहला देता था उसकी जांघों को ओर वो कशमशा जाती थी ओर मेरी तरफ झुकी नज़रों से देखती थी। गीयर लगाते टाइम मेरी कोहनी उसके बूब्स पर थी तो वो भी अपने बूब्स को मेरी कोहनी पर रगड़ देती थी। ये सिलसिला करीब 1.50 घंटे तक चला ओर हम वहां पहुंच गये। वो मुझसे वहां पर नज़रे मिलाती और मुस्करा देती थी मैं भी एक्साइटेड होकर मुस्करा कर जवाब देता लेकिन कहते कुछ भी नहीं। अब वापस आते टाइम शाम हो चुकी थी और अंधेरा हो चुका था। उस अंधेरे में मैने अपने आपको उसकी तरफ से invitation समझ कर मेरे हाथ को गीयर लगाने के बाद उसकी जांघों को कस कर दबाता रहा ओर मेरे हाथ को उसकी चूत पर भी ले जाने लगा तो वो कुछ ज्यादा ही एक्साइटेड हो रही थी ओर मेरी कोहनी से बूब्स को रगड़ रही थी। इससे मेरा टूल तो काफ़ी कड़क हो चुका था फिर मैने थोड़ी देर बाद उसकी चूत में पज़ामे के उपर से ही अपनी उंगली से रगड़ने लगा और उंगली से धक्का लगाने लगा कुछ देर बाद मैने उस अंधेरे में महसूस किया कि उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी ओर वो मस्त हो गयी थी, ना मैं उससे कुछ बोल रहा था ओर नहीं वो मुझसे। बाकी सब लोग गाड़ी में बातें कर रहे थे और किसी को कुछ पता नहीं था हमारी इस रासलीला का।

क्योंकि वो लोग सब मुझे बहुत ही शरीफ़ मानते है। जब घर पर पहुंचे तो वो मुझसे कुछ नहीं बोली पर मैने उसे मुस्करा कर एक आंख से इशारा किया और वो मुस्करा कर बाथरूम में चली गयी। फिर वो मेरे पास जिस कमरे में मुझे सोना था जब भी में जाता हूँ तो वो मेरे पास बैठ जाती है ओर बातें करती है इसलिये उस दिन भी वो मेरे पास आ गयी में बेड पर लेटा था ओर उससे कोई बात नहीं कर रहा था पर उसकी बेचैनी को समझ सकता था मैं, उसने आंखों ही आंखों में बहुत कुछ बोल दिया था मुझसे। मैने मौका देखकर उसका हाथ पकड़ लिया और दबाने लगा तो वो कुछ भी नहीं बोली फिर मैने उसके हाथ को सहलाते हुए मेरे हाथ को उसकी कंधो पर ले गया ओर सहलाने लगा फिर मैने थोड़ा और आगे बढ़ाते हुए उसके बूब्स को दबा दिया और सहलाने लगा तभी वो बोली की जीजु कोई देख लेगा। मैने कहा कि सब सो गये है कोई नहीं देखेगा तो वो नहीं मानी तो मैने उससे कहा की में उपर वाले बाथरूम में जा रहा हूँ तुम भी आ जाना गरमी के दिन थे मैं चला गया।

वो कुछ देर बाद आ गयी मैने उसे वहां पर पकड़ लिया और चूमने और सहलाने लगा उसके बोडी के पार्ट्स को वो नाइटी में थी और ब्रा नहीं थी उसके बूब्स पर। मुझे तो जैसे जन्नत ही मिल गयी थी पर मैं उससे वहां पर चोदू कैसे ये समझ नहीं आ रहा था क्योंकि कोई भी वहां आ गया तो मेरी तो वाट लग जाती और वो भी डरी हुई थी लेकिन मैं मौका जाने भी नहीं दे सकता था तो मैने उसके बूब्स को अपना हाथ उसकी नाइटी में डालकर दबाने लगा और नाइटी को उपर करके चूसने लगा और इस दौरान मैने उसके पैंटी में एक हाथ डाल कर उसकी पुस्सी को रब करने लगा जो पहले ही गीली थी और मस्त हो गयी और तब उसने कहा की जीजु रहा नहीं जा रहा है तो मैने उसे मेरी गोद में दोनो तरफ टांगे करके बैठा लिया मैने मेरा लंड बाहर निकाल कर उसकी पुस्सी पर लगा दिया और धीरे धीरे अंदर करने लगा लेकिन मेरा 8” का टूल उसकी पुस्सी में घुस ही नहीं रहा था और उसे पैन भी हो रहा था लेकिन उस रात वो दो घंटे तक मुझसे मज़े लेती रही और मैं भी उसके साथ मज़े लेता रहा लेकिन उस रात मैं पूरा मज़ा उसके साथ नहीं ले पया और दूसरे दिन next time के लिये दोनो ने बाय की अब मैं जल्दी ही वहां पर जाने की तैयारी में हूँ तब मैं आगे की दास्तां लिखूंगा।

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