Friday, June 5, 2009

ममता की चुदाई -- कमरे में



मैं संजु, 26, लखनऊ। "बात उन दिनो की है जब मैं 15-16 साल का था। मैं एक लड़की को चाहने लगा कब प्यार हुआ पता ही न चला। इतनी ज्यादा जनकारी भी नहीं थी स्कूल में मुझे सब हीरो जैसे अजय देवगन कहते थे। स्कूल में बहुत लड़कियों से दोस्ती थी लेकिन उनके लाइन देने के बाद भी मुझे उनसे प्यार नहीं था। मुझे प्यार ममता से हुआ जो कि मेरी ही कोलोनी में रहने आयी थी। वो महाराष्ट्र से आयी थी। मैं वहाँ पर क्रिकेट खेलने जाता था। 5'6" हाइट गोरा चिट्टा रंग कोलोनी के सब लड़के उसे लाइन मारते थे। नये साल पे मैने हिम्मत करके उसे लव लेटर दिया तो उसने जवाब दिया। आई एम सीनियर यू आर जूनियर। वो 11वीं में थी और मैं 10वीं में था लेकिन मुझे उससे प्यार हो गया। मैं उसे किसी भी कीमत पर प्यार करना चाहता था। मैने उसकी दोस्त जो देविका थी उससे कहा कि वो मुझसे रिश्ता बनाये चाहे जो भी रिश्ता, मुझसे बात करे। मैं रियली उसे प्यार करता हूँ, मेरी हालत पागलों से भी बदतर थी। मुझे न भूख लगे न प्यास। सिर्फ़ वही दिखती थी। आखिर वो दिन आ ही गया जब उसने मुझे अपने घर बुलाया बात करने के लिये। एक बात बताऊं वो मेरी सीनियर थी मेरी गांड फ़ट रही थी कि कहीं मेरे घर में बता न दे। मैं टोपर स्टुडेन्ट था इसलिये मेरे सभी इज़्ज़त करते थे। अरे भैया। मैं उसके दरवाजे पर पहुँचा तो मुझे 104 डिग्री फ़ीवर था। उसके छोटे भाई ने मुझे एक टुकड़ा कागज़ का दिया और बोला दीदी ने आपको देने को कहा है। जिस पर लिखा था" आई लव यू माई अजय देवगन'" + इसके आगे हम और क्या कहें जानम समझा करो। शाम 6 बजे घर पर आना। कोई नहीं होगा। मैं आपको चाय पिलाऊंगी। प्लीज़ आ जाना ilu तुम्हारी ममता। अब तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं था। शाम 6 बजे मैं उसके घर गया। उसने नीले रंग का सूट पहना हुआ था बहुत खूबसूरत थी मेरी ममता गोरा रंग 5'6" हाइट अच्छी फ़ीगर गोल चूचियां गोरी झांघे वो सबकुछ उसमे था जो किसी को भी पागल कर दे। लंड को टाइट कर दे हाथ मसलने को मजबूर कर दे 18 साल की कमसिन चुदायी वाली उमर। यहाँ तक कि अगर कह दे तो मैं किसी को भी गोली मार देता। उसने मुझसे नमस्ते किया तो मैं बोला सोरी आप मेरी सीनियर हैं वो बोली पहले सीनियर थी पर आप अब मेरे सबकुछ हो मुझे वो फ़ील हुआ जो मैं शब्दों में नहीं कह सकता हूँ
रियली शी इज़ माई फ़र्स्ट लव एवर एंड फ़ोरेवर, इट इज़ माई रियल सेक्स स्टोरी। प्रिय पाठकों, मैं उसे आज भी प्यार करता हूँ। अब आगे सुनिये उसने मेरा हाथ पकड़ा और कहा "डरो नहीं रियली आई लव यू" मैं भी आपको चाहती थी पर डरती थी कि कहीं आप नाराज न हो जायें इसलिये नहीं कहा। डियर संजु जब तुम्हारे पास लड़कियां होति हैं तो मैं बहुत जलन फ़ील करती हूँ। मुझे दूर मर करना, इतना कहकर वो मेरे सीने से लिपट कर रोने लगी। मैं भी रो रहा था। पहली बार कोई लड़की मेरे सीने से लिपटी थी उसकी चूचियां मेरे सीने से चिपक रही थी मेरा लंड खड़ा होने लगा फ़िर उसने अपने गुलाबी होंठों से मेरे लिप्स को फ़्रेंच किस करने लगी मैं उसकी पीठ पर हाथ फ़ेर रहा था वो रो रही थी। किस करते समय उसने अपनी जीभ से मेरी जीभ चाटने लगी ये मेरे लिये पहला एक्सपेरिएंस था मेरा लंड खड़ा हो गया और उसकी चूत के पास छूने लगा मुझे लगा वो बुरा मान जायेगी मगर वो धीरे से बोली संजु क्या पहले ही दिन ये सब ठीक रहेगा। मैं बोला क्यों क्या मतलब वो बोली अच्छा चलो कोई बात नहीं मैं तो तुम्हारी ही हूँ जो करना चाहो करो। अब मेरे समझ में न आये कि क्या करूं? कैसे करते हैं? वो बोली सामान तो दिखाओ और मैंने अपनी जीन्स की ज़िप खोल दी। उसके मुलायम गोरे हाथों से मेरा 7" इंच लम्बा मोटा लंड बाहर निकाला तो आँख मार कर बोली यार ये तो बहुत बड़ा है मैं अब पूरे जोश में था। मैं उसको बेड पर ले गया और जींस उतार दी सिर्फ़ अंडरवियर में था। मैने उसके होंठों को कसकर चूमने लगा। मेरे हाथ में उसके बूब्स थे गोरे गोरे गोल गोल भूरे रंग की भुंडी, ब्रा नही पहने हुए थी सलवार का नाड़ा पकड़ कर खोला। तो वो शरमाकर आँखें बंद कर ली। मैं बोला डियर अब काहे की शरम मैं आपका पति हूँ वो बोली तो मैं कुछ कह रही हूँ क्या........अब आप ही मेरे सबकुछ हो.... मेरा सबकुछ आपका ही है जो चाहो करू......... उसे विश्वास था कि हम लोगों की शादी हो जायेगी क्योंकि हम एक ही जाति के थे
उसके मेरे बीच प्यार बहुत था........ हम दोनो के ही पिता ओफ़िसर हैं इसलिये कोई प्रोब्लम का सवाल ही नहीं था... मैं भी शादी करना ही चाहता था। सलवार खोल कर अलग किया उसकी गोरी गोरी जांघें मेरा स्पर्श पाकर और भी गरम हो गयी उसकी पैंटी में थोड़ा छेद था देखा तो मैने उंगली डाली तो बोली अरे यार पैंटी दोनो गीली थी इसलिये ये पुरानी पहन ली थी। हँस कर बोली यार तुम तो मेरी गरीबी का मज़ाक बना रहे हो मैं बोला डियर आप बहुत ही मालदार हैं। बोली माल तो नीचे है मेरे सजना इस चड्ढी को फ़ेंक दो और अपने माल को ले लो इतना कहकर वो शरमा गयी....पैंटी उतारा तो उसकी बुर बिल्कुल गोरी उस पर भूरे छोटे बाल हल्के हल्के अब तो मैं पागल हो गया बुर को छुआ तो लगा जैसे भट्टी हो गरम गरम बुर को मैं सहलाने लगा तो वो स्सस्सस्सस्स आह ओह्हह्हह्हह्हकया कर रहे हो प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़......मैने उसकी बुर की स्लिट में उंगली डाली तो बोली क्या उंगली ही डालेंगे आप वूऊऊऊ कहकर चुप हो गयीए........मैने कहा रोको डार्लिंग अभी सब डालूंगा जी भर कर तुझे चोदूंगा पहले तेरी चूत चाट लूँ.........जीभ से मैं उसकी चूत के दोनो हिस्सों को चाटकर चोदने लगा मैं उत्तेजित हो रहा था वो आह ओह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह मार डालोगे..... चोद दो प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ फ़िर मैने उसके मुंह में अपना लंड डाला तो बोली चाटो मज़ा आ रहा था 69 की पोज़िशन में हम दोनो पागल हो रहे थे वो बोली संजु........लंड धीरे से डालना प्लीज़ वरना मेरी खूबसुरत बुर फ़ट जायेगी ..........समझ रहे हो न..........मैने अब उसकी बुर पर सुपाड़ा रखा तो लंड बुर में नहीं गया फ़िसल गया तो......... हँस कर बोलि बुद्धु ऐसा न ही होगा.....और मुँह से थूक निकाल कर मेरे लंड पर डाल दिया और लंड को बुर के मुँह पर खींचा मैने हल्के से शोट दिया तो बुर में 2 इंच अन्दर गया। वो बोली दर्द हो रहा है। अब मेरे लंड को चूत की गरमी मिल गयी थी मैं होंठओं को चूसे जा रहा था धीरे धीरे 56 बार अन्दर बाहर किया अब उसे मजा आ रहा था नीचे से कमर भी हिला रही ....थि .......वो बोली आप इतना ही डालो ...अब दर्द में भी मजा आ रहा है लेकिन मैं तो पूरा लंड इसकी बुर में डालना चाह रहा था मैं बोला देखो ममता अब तुम्हें पूरे लंड का मजा देता हूँ...दूसरा शोट लगाया तो मेरा लंड पूरा का पूरा उसकी बुर में घुस गया ... वो इतनी तेज़ चिल्लायी कि मैं डर गया कि कोई पड़ोस से न आ जये...........अब जोर से मैने उसके शरीर पर दबाया कि वो उठ न जाये.........बोली हटो मैं मर गयी प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ खून आ गया था.......... मुझे छोड़ दो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है................ मैं जानता था कि अगर इसे छोड़ा तो फ़िर इस डर की वजह से कभी नही चुदवायेगीईईईए सो........मैने धीरे धीरे 78 शोट लगाये तो उसका विरोध कुछ कम हुआ बोली मार डालोगे क्या हल्की मुस्कुराहट के साथ कमर भी हिलाने लगी....

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