Tuesday, May 5, 2009

मेरे चोदु राजा .

चूत मे अगर एक बार आग लग जाए तो उसे बुझाना मुश्किल है..वो बढाती ही जाती है...मै आपका चहेता चोदु संजय इन दोनों बहनो की सेक्स की आग बुझाने का अगला किस्सा ले कर हाज़िर हु..मैंने अपनी कहानियो को अब pdf फाइल मे तैयार किया है..जिस किसी सेक्सी महिला , भाभी या..चुदवाने की शौक़ीन लड़की को ये चाहिए वो मुझसे सम्पर्क करें..मेरा मेल नीचे.... है. अब आगे की कहानी..कहानी पढते हुए अगर लंड वाले लंड हाथ मे रखे और चूत वाली अगर चूत से चड्डी निकाल कर उसे ऊँगली से सहलाये तो कहानी खत्म होने तक जरुर पानी निकल जाएगा..और मुझे भी अपना अनुभव लिखे..ताकी आपके चूत का पानी मै चाट सकूंऐसे तो लीना की पिछली रात अपने जिजू के साथ और आज सुबह ही रोमा की प्लंबर के साथ चुदाई हो चुकी थी लेकिन चूत का मज़ा देखो अभी बात करते -करते दोनों की चूत मे फिर से खाज शुरू हो चुकी थी . रोमा ने संजय के लौडे का पूरा साइज़ अपनी बातों से लीना को बताया . सुनते ही लीना के मुह से सिस्कारियां निकालनी चालू हो गई . अपने हाथ से वोह रोमा के बूब्स को हलके हलके सहला रही थी . रोमा के दिल और दीमाग पर संजय द्वारा की गई चुदाई छायी हुयी थी . उसे अपने बूब्स पर लीना का हाथ फेरना अच्छा लग रहा था .लेटे लेटे रोमा ने अपनी आँखों को बंद कर लिया और इस आनंद का ख़ूब मज़ा ले रही थी . लीना की चेष्टाये बढ़ने लगी . उसने रोमा की अस्त -व्यस्त हुयी नाईटी को निकाल फेंका . अपनी जीभ को उसके मम्मो के पास लेजा कर उसे चाटने लगी . उसकी जीभ नीचे से ऊपर उसके संगमरमरी कबूतरों को हलके हलके चाट रही थी . भारी बूब्स को चाटने मे लीना को भी ख़ूब मज़ा आ रहा था . "उफ्फ्फ , चाट ... रगड़ रगड़ कर चाट ," ऐसा कह कर रोमा ने अपने हाथ बढ़ाकर उसकी जांघों पर फेरना चालू कर दिया . जांघों पर हाथ फेरते ही लीना को गुदगुदी का एह्साश हुआ . उसके बदन मे करंट दौड़ाने लगा . अपनी दोनों जांघों को उसने फैला दिया अन्दर उसने पैंटी नही पहना था..असल मे दोपहर के ३ बजे लीना हॉस्पिटल से घर आ गई थी..और उसने आते ही रोमा की हालत देखी..उसे पहले लगा की शायद रवि दोपहर मे घर आया होगा और उसने रोमा की कस के चुदाई की है..रोमा को चलने मे भी तकलीफ हो रही थी..संजय के मोटे लंड ने उसकी हालत ख़राब कर दी थी...लेकिन बाद मे रोमा ने ख़ुद ही सब उसे बता दिया..सुनकर ही लीना गरम हो गई थी और उसने अन्दर कुछ भी नही पहना था...जगह मिलते ही रोमा के हाथ लीना की जांघों के और अन्दर घुसने लगे . उसके हाथ किसी खास जगह को तलाश रहे थे . थोड़ा गीलापन उसके हाथ को मह्सूश हुआ . उसे अपनी मंज़िल मिल गई . अपनी अन्गूलियों से लीना की चूत को सहलाने लगी . चूत पर अन्गूलियों के छूते ही लीना की जीभ की स्पीड रोमा के बूब्स को चाटने के लिए और बढ़ गई . लीना के दांतों की हलकी -हलकी चुभन भी रोमा को महसूस हो रही थी वैसे रोमा की चुंचिया एकदम लाल हो गई थी और निपल भी सुज़े हुए लग रहे थे..दर्द तो था..संजय ने इन्हे बहुत मसला था..जैसे कपड़ा निचोडा हो..और निपल चूसने मे तो उसने कोई कसर नही छोड़ी थी.. लेकिन यह चुभन पीड़ा देने की बजाय ज्यादा आनंद दे रही थी . रोमा ने अपनी एक अंगुली लीना की रस से भीगी हुयी चूत के अन्दर पेल दी . अपनी अंगुली को वोह लंड की जगह उपयोग मे ला रही थी .दोनों के मुह से सिस्कारियां निकल रही थी . अब दोनों एक दूसरे को अपनी बाँहों मे लेकर अपने गरम जिस्म को आपस मे रगड़ना शुरू कर दिया . दोनों के बदन की रगड़न से पूरे कमरे का माहौल नशीला हो गया कमरे मे आह्ह..ओह्ह..इश स्.स्.स्.स्.स्. हाय..की आवाज़ आ रही थी. .. दोनों को अब एक -एक लंड की जरूरत महसूस हो रही थी लेकिन मजबूरी मे दोनों और क्या कर सकती थी . दोनों एक दूसरे से चिपट कर एक दूसरे के मम्मे को , चूत को सहला रही थी दबा रही थी... फिर थोड़ी ही देर मे दोनों हापने लगी और निढाल हो कर बिस्तर पर लेट गई .लेकिन ऐसे पड़े पड़े दोनों ही अपनी चूत की आग को और भड़कती हुयी देख सिस्कारियां ले ले कर अपनी ही उन्गलिओं से चूत को चोदना चालू कर दिया . फिर आपस मे ही घूम कर एक दूसरे की चूत को चूसने लगी . जीभ लगते ही दोनों की सिस्कारियां और बढ़ गई . जहाँ रोमा सिस्कारी मरते हुए चीख रही थी , "अहह ...उफ़ ....देख कैसी चूत ....मे आग लगी .साले प्लाम्बेर को फ़िर से बुला ले...नही तो जिजू को फ़ोन कर जल्दी आने के लिए.....हाय ....तू मेरी चूत को .देख क्या हालत की है......उफ्फ्फ ...और चाट ....एस ....चाट -ती जा ."वही लीना कह रही थी..जिजू जब चोदेगा तब मज़ा बहुत आएगा..बहुत प्यार से गरम करता है..तू..जीभ लगा..हाय..और..अन्दर...आह्ह..उफ़..ऐसे ही दोनों बड़बड़ा रही थी लीना सिस्कारी मरते हुए मादक आवाज मे चीख रही थी , "हाय ! काया चीज बनाईं है भगवान ने , चुसो चुसो , और जोर से चुसो मेरी चूत को . और अन्दर तक अपनी जीभ घुसेड दो . हाय ! मेरी चूत के दाने को भी चाटो . बहुत मज़ा आ रहा है ."
दोनों मदहोश हो कर एक दूसरे की प्यास मिटाने मे लगी हुयी थी . लेकिन प्यास जो थी वह बुझने की जगह और बढ़ गई . इसी समय रवि , उनका चहेता चोदु जिजू , घर मे हॉस्पिटल से आया और घर मे किसी को ना पाकर चौंक गया . तभी एक बेडरूम से सिस्कारियों की आवाजे सुने दी . अन्दर गया तो रूम का सीन देख कर उसकी आँखों मे चमक आ गई . दोनों सालिया अपनी चूत की खाज मिटाने के लिए एक दूसरे के साथ गुथ्थाम -गुथ हो कर अपनी -अपनी चूत चट्वा रही थी . यह देख कर उसका लंड एक दम से खड़ा हो गया . दोनों , रोमा और लीना बेखबर हो कर एक दूसरे की चूत चाटने मे लगी हुयी थी . रवि ने अपने कपड़े उतर कर अपने लंड को तोला . मनो लंड को समझा रहा था की आज रात को एक नही बल्कि दो -दो चूतो को पानी पिलाना है और उनका पानी निकालना है..आगे बढ़कर उसने अपने लंड को लीना की चूत के पास लेजा कर खड़ा हो गया . रोमा थोड़ा चौंकी . मन ही मन सोचा की यह लंड कहाँ से आ गया ..ये भी संजय के लंड जैसा ही मूसल है..लेकिन थोड़ा गोरा है और सुपाडा और मोटा है.. चेहरा ऊपर उठाया तो अपने जिजू को खड़े पाया . उसकी तो मन की मुराद पुरी हो गई . उसने लपक कर लंड को अपने हाथो मे समेत लिया . मनो कोई दूसरा आ कर नही ले जाए या कोई दूसरा कब्जा नही कर ले .लंड को हाथो से सहलाती हुयी अपनी जीभ लीना की चूत से हटा कर अब लंड को चाटने लगी ."क्या हुआ ...चाटो न मेरी चूत को ." कोई जवाब न पाकर लीना ने अपना चेहरा ऊपर उठा कर देखा की रोमा तो जिजू के लंड को चाट रही है . नाराज़ होने की जगह उसके अन्दर भी अब चूत की खाज मिटने का औजार मिलाने की खुशी ही महसूस हो रही थी . लीना के चेहरा को देख रवि ने अपनी आँख मार कर उसके चुताद पर अपना हाथ रख दिया और लगा सहलाने .रोमा ने रवि के लंड को पुरा मुह मे लेकर चूसने की पुरी कोशिश कर रही थी और उसे बुरी तरह चुम्हला रही थी और चूस चूस कर बेहाल कर दिया . रवि अपने लंड को आगे -पीछे कर चुसवा रहा था मनो की यह रोमा का मुह नही बल्कि उसकी चूत है . रवि के आनंद की कोई सीमा नही रही . अपने हाथो से लीना का चुताद कस कर पकडा और लंड चुसाई से वोह बेकाबू हो कर बड़्बड़ा रहा था , ""वाह , मज़ा आ रहा है . कितना अच्छा चूस लेती है तू .आह..रोमा..तुझे चोदने के लिए तो मै एक साल से इंतज़ार कर रहा हु..असल मे कल मै तेरी चुदाई करना चाहता था..जीजू आज दिन मे तो आ सकते थे..मै भी तो मौका ढूंढ़ रही थी.. अभी तो आ गया हूँ तू चूस मज़ा आ रहा है .. किसीने ऐसे चूसा नही मेरे लंड को पहले . मेरे लंड को जन्नत मिल गई , आज ...ले ...उफ़ ...चूस मेरा और ... चूस और . ले .. ले ....मेरे लंड को पुरा मुह मे ले कर चूस ."लेकिन जवाब दिया लीना ने दूसरे छोर से . वह रवि के लंड की चूसी बड़े गौर से देख रही थी . उसने कहा , "मैंने भी पहले ऐसा बेकाबू लंड नही देखा . पहली बार ऐसी चूसी देख रही हूँ पर मज़ा आ रहा है इस बड़े लंड को चूसते देखकर मुझे . कितना मोटा और बड़ा है ,.मेरे तो कल चूत का कचूमर निकाल दिया..अभी मुह मे पानी आ गया .."तभी रवि ने अपना लंड रोमा के मुह से निकाल कर लीना के मुह मे पेल दिया और कहा , "ले मेरी लीना रानी , तू क्यों बाकी रहती है . चूस के मुझे पागल कर दे . हाय , वह जीभ से कर , मुह मे ले और अन्दर ले . पुरा खा इस बड़े लंड को ."लीना को अब लंड चूसने मे बड़ा मज़ा आ रहा था . अपने हाथ से लंड को हिला -हिला कर चूस रही थी . कभी अपनी जीभ बहार निकाल कर लंड के सुपाडे और लंड की गोटियों को चाट रही थी तो कभी लंड को मुह मे लेकर गपा -गप चूस रही थी . रोमा रवि के सामने आकर खड़ी हो गई . रवि ने उसके कबूतरों को दबोच लिया . अपने हाथो से उन दोनों फड़ फडाते कबूतरों को मसलने लगा . मसलने के साथ ही रोमा के मुह से सिस्कारी निकाल गई आह्ह..जीजू.. क्या ..कर..रहे हो.. उनमे वैसे ही दर्द था..दोपहर मे संजय ने उन्हें जबर्दस्त मसला था... रवि ने अपना मुह बढ़ाकर उसके मम्मो को जीभ से चाटने लगा . वासना की आग मे जलते हुए उसके मम्मे भारी हो चुके थे . उसके निपल्स कड़क होकर एकदम से तन गए थे . निपल्स पर रवि जब अपना दंत गदाता तो रोमा की सिस्कारी और बढ़ जाती ..दर्द के बावजूद उसे मजा आ रहा था..अब लीना लंड को मुह से निकाल कर बेद पर चित हो कर लेट गई और रवि के लंड को अपनी चूत पर रगड़ने लगी और कहने लगी... "जिजू , आओ . घुसाओ अपने लंड को अपनी प्यारी साली की चूत मे..आह्ह.. बड़ी बेचैनी हो रही है मेरी चूत मे .""ले मेरी रानी . संभल अपनी चूत को ." इतना बोलकर अपने लंड का एक धक्का रवि ने दिया तो सर्र.र.र.र..र. से लीना की चूत मे लंड का सुपाडा घुस गया वो चिल्ला उठी.ऊईई..माँ..लेकिन साथ ही नीचे से कमर उछाला और अब गप्प प.प. से पूरा लंड अन्दर...और उसकी खुशी की चीख..आह्ह जीं .ज्जू. . लीना खुसी से पागल हो गई . रवि ने लगातार अपने धक्के देने चालू रखे . चूत भी धक्के खाकर लगातार पनि छोड़ रही थी . तभी रोमा उठाकर लीना के मुह पर बैठ गई . पोजीशन यह थी की लीना का मुह रोमा की चूत पर और रोमा के मम्मे रवि के मुह मे और रवि का लंड लीना की चूत मे . बड़ा ही कामुक सीन था यह . तीनो बड़े मजे से चूसी और चुदाई मे लगे हुए थे . तभी रोमा ने अपने हाथ बढ़ाकर रवि का लंड अपने हाथ मे जकड लिया . रवि जब भी धक्का मर रहा था तो लीना की चूत का दाना भी रोमा के हाथ से रगड़ खा रहा था . इसके कारण लीना का चुदाई का मज़ा डबल हो गया .लीना रवि को उसका रही थी , "छोड़ो मेरे राजा , ख़ूब जोर -जोर से धक्के लगाओ ..अब कोई डर नही है... मेरी चूत की खाज मिटाओ ... उफ्फ्फ .... मेरे चोदु राजा ..... चोदो मुझे .... जोर से चोदो .... तुम्हारे लंड से मुझे रात भर चोदो ..... आह्ह ह . ... ख़ूब चुदाई करो मेरी ..... ओह्ह ह ह .... मेरे लंड .... मेरी चूत के दीवाने ..... मेरे रस को पीने वाले ..... मेरे जिजू ..... चोदो मुझे ..... धक्के ..... अहह ह ह ... उछल -उछल कर .... मारो धक्के मुझे .... चोदो उफ़..मर..गयी..उई..ई.ई.ई.ई.आह...... खाज मिटाओ मेरी चूत की तुमने कल से मुझे चुदवाने की आदत लगा दी है जिज्जू.अब मै यही रहूंगी और तुमसे चुदवाउंगी ..... मारो धक्के मारो ..."रवि भी उसी हिसाब से जवाब दे रहा था , "ले मेरी रानी ....खा मेरे .... लंड को .

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